कोरिया सांस्कृतिक महाशक्ति कैसे बना? | केस स्टडी | बीटीएस | Squid Games

नमस्कार दोस्तों पिछले 70 सालों में ईस्ट एशिया में सबसे तेज ग्रो करने वाली डेवलप्ड इकॉनमी को एशियन टाइगर्स करके पुकारा जाता है द फोर एशियन टाइगर्स ये है सिंगापुर ताइवान हांगकांग और साउथ कोरिया इनमें से साउथ कोरिया बड़ा खास है क्योंकि यह देश ना सिर्फ एक इकोनॉमिकली डेवलप्ड देश है बल्कि आज के दिन एक कल्चरल सुपर पावर भी बन गया है साउथ कोरियन गाना गगनम स्टाइल

youtube0 व्यूज क्रॉस किए स्क्विड गेम्स एक साउथ कोरियन टीवी शो जो दुनिया का वन ऑफ द मोस्ट वच टीवी शो बना youtube1 एस और ब्लैक पिंक दुनिया भर में फेमस हो रहे हैं के ड्रामा की पॉपुलर बढ़ रही है और साउथ कोरियन फिल्में जैसे कि ओल्ड बॉय और पैरासाइट दुनिया भर में अवार्ड जीत रही हैं पैरासाइट तो इनफैक्ट इतिहास की पहली नॉन इंग्लिश फिल्म भी बनी बेस्ट फिल्म का ऑस्कर जीतने वाले पैरासाइट

यह सब कैसे हो रहा है क्या यह रैंडम चांस की बात है कि सारी साउथ कोरियन चीजें इतनी पॉपुलर हो रही है दुनिया में या फिर यह एक सोची समझी गई स्ट्रेटेजी है साउथ कोरियन सरकार की आइए आज के वीडियो में समझते हैं कि आखिर साउथ कोरिया एक कल्चरल सुपर पावर कैसे

ऐतिहासिक जड़ें


बना अपनी कहानी की शुरुआत करते हैं 15 अगस्त साल 1945 से वो दिन जिस दिन जापान ऑफिशियल सरेंडर कर देता है और वर्ल्ड वॉर ट खत्म होती है जर्मनी इटली और जापान के देशों को एक बड़ी हार का सामना करना पड़ता है लेकिन कोरिया का देश जो जापानीज रूल के अंडर रहा था उन्हें अपनी आजादी मिलती है यही कारण कि 15 अगस्त को नेशनल लिबरेशन डे मनाया जाता है साउथ कोरिया में लेकिन ना सिर्फ साउथ कोरिया में बल्कि नॉर्थ कोरिया में भी क्योंकि उस जमाने में नॉर्थ कोरिया साउथ कोरिया दो अलग-अलग देश नहीं थे बल्कि एक ही देश था कोरिया नाम से यह सिर्फ सेकंड वर्ल्ड वॉर खत्म होने के बाद ही था कि सोवियत यूनियन और अमेरिका ने डिसाइड किया कि वह कोरिया के देश को दो हिस्सों में बांट देंगे एक सदर्न कोरिया जो यूएस के कमांड के अंदर रहेगा और एक नॉर्दर्न कोरिया जो सोवियत कमांड में रहेगा प्लान यह था कि इन दोनों कोरियाज को 5 साल के लिए ट्रस्टी शिप के अंदर रखा जाएगा जहां पर कोरिया के प्रोग्रेस को मेजर किया जाएगा और यह डिसाइड किया जाएगा कि इनका फ्यूचर क्या हो इन 5 सालों के बाद प्लान यह था कि कोरिया को वापस से एक इंडिपेंडेंट देश बना दिया जाएगा लेकिन अफसोस ऐसा होता नहीं है अमेरिका और सोवियत यूनियन के बीच में टेंशंस बढ़ने लगती हैं और कोल्ड वॉर की शुरुआत हो जाती है 1948 में यूनाइटेड नेशंस सुपरवाइज इलेक्शंस करवाने की कोशिश करी जाती है नॉर्थ कोरिया में लेकिन यह पॉसिबल हो नहीं पाता लेकिन यूएस कंट्रोल साउथ कोरिया में इलेक्शंस जरूर कंडक्ट हो जाती हैं और एक नया कॉन्स्टिट्यूशन बनाया जाता है इसी के चलते 15 अगस्त साल 1948 को रिपब्लिक ऑफ कोरिया की स्थापना होती है जो कि एक नया लिबरल डेमोक्रेटिक देश बनता है आ जनरल ऑफ द आर्मी ड मर एंड मिस मर टू अटें सेरेमनी फॉर्मली प्रोक्लाइमिंग द एंड ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स मिलिटरी गवर्नमेंट इन कोया एंड द फॉर्मेशन ऑफ द फ्र एंड इंडिपेंडेंट कोयन रिपब्लिक अगले महीने नॉर्थ कोरिया को भी एक कम्युनिस्ट देश घोषित कर दिया जाता है डिक्टेटरशिप के अंदर दो साल बाद साल 1950 में नॉर्थ कोरिया दोनों देशों को यूनिफाई करने की कोशिश करता है किसी पीसफुल समझौते से नहीं बल्कि इनवेजन करके साउथ कोरिया पर इसकी वजह से एक जंग छिड़ जाती है एक ऐसी जंग जो अगले 3 साल तक चलती है इसे कोरियन वॉर कहा जाता है इन कोया यूनाइटेड नेशन ट्रूप्स पुश ऑन एंड द कश एडवांस अगेंस्ट द कम्युनि और इसका नतीजा यह होता है कि साउथ कोरिया दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक बन जाता है यह देश इतना गरीब था उस समय पर कि इसका जीडीपी पर कैपिटा आज के दिन के सोमालिया और हायती से भी नीचे था ये दोनों देश आज के दिन वन ऑफ द मोस्ट पुरे कंट्रीज है दुनिया की इसी गरीबी की वजह से डेमोक्रेसी भी सफर करती है साउथ कोरियन प्रेसिडेंट री सिंगमैन अथॉरिटेरियन ज्म का रास्ता अपना लेते हैं कांस्टिट्यूशन को को अमेंड करते हैं देश डिक्टेटरशिप की तरफ फिसलने लगता है जब साल 1960 में इलेक्शंस बुलाई जाती हैं तो पता चलता है कि वो इलेक्शंस भी रिग्ड थी देश भर में प्रोटेस्ट देखने को मिलते हैं इन प्रोटेस्ट के चलते री देश छोड़कर भाग जाता है दोबारा से इलेक्शंस बुलाई जाती हैं इन इलेक्शंस में एक नए प्राइम मिनिस्टर बनते हैं साउथ कोरिया के लेकिन कुछ ही टाइम बाद एक मिलिट्री क देखने को मिल जाता है कोरिया में जनरल पार्क चंग ही सरकार को ओवरथ्रो करके मिलिट्री डिक्टेटरशिप एस्टेब्लिश करते हैं 1979 में इन को एसिनेट जरूर कर दिया जाता है लेकिन उसके बाद एक और मिलिट्री क देखने को मिलता है जहां पे एक और नए जनरल सत्ता में आते हैं ये सिर्फ 1987 88 में जाकर ही था कि साउथ कोरिया में डेमोक्रेसी का एक रिवाइवल देखने को मिला सालों से चली आ रही डिक्टेटरशिप्स का असर साउथ कोरियन कल्चर पर भी देखने को मिला सेंसरशिप साल 1962 में पाक चंग ही एक मोशन पिक्चर लॉ लेकर आए अगले 10 सालों में इस कानून को चार बार रिवाइज किया गया और सख्त बनाया गया इसके तहत जो भी फिल्म साउथ कोरिया में रिलीज करी जाती उसकी स्क्रिप्ट को पहले अप्रूव कराना पड़ता साउथ कोरियन सरकार से उसके बाद फिल्म बनने के बाद भी कई बारी फिल्म को देखा जाता है यह देखने के लिए कि जो अप्रूव्ड स्क्रिप्ट दी है सरकार ने उससे यह फिल्म मैच कर रही है या नहीं कर रही कौन सी फिल्में सरकार अलाव करती वायलेंट फिल्में अलाउड थी बहुत सी मार्शल आर्ट फिल्में देखने को मिली इस समय साउथ कोरिया में मेलोड्रामा फिल्में अलाउड थी प्रोपेगेंडा फिल्में ऑब् वियस अलाउड थी सरकार उन्हें फाइनेंस करती थी अश्लील फिल्में भी अलाउड थी जिन्हें हॉस्टेस फिल्मों का नाम दिया जाने लगा जिनमें अक्सर एक कैरेक्टर होता था जो प्रोस्टिट्यूट या बार गर्ल का रोल निभाता था लेकिन क्या नहीं अलाउड था कोई भी सोशियो पॉलिटिकल असल मुद्दों पर फिल्म बनाना सरकार को किसी भी तरीके से क्रिटिसाइज करना तो छोड़ो वो तो अलाउड था ही नहीं यहां पर देश में हो रही किसी भी प्रॉब्लम को लेकर कोई भी फिल्म नहीं बनाई जा सकती थी आज के दिन के कोरिया से एक बहुत बड़ा कंट्रास्ट था आज के दिन तो कोरियन कंटेंट इतना डायवर्सिफाइड है और पूरी तरीके से थ्राइव कर रहा है गगनम स्टाइल बीटीएस स्क्विड गेम्स पूरी दुनिया पर छाए हुए हैं अगर आपको यकीन नहीं होता आप खुद जाकर देख सकते हो amazon's हैं ियर अप वर्म मीट यू वेट लिफ्टिंग फेरी किम बुक जू शी वाज प्रिटी और टेंप्टेड इन सब में से ियर अप वाला जो शो है वो मेरे लिए काफी स्टैंड आउट किया है वो फ्रेंडशिप जिंदगी सपनों और पैशन के बारे में एक इंस्पायरिंग अंडरडॉग की कहानी जिससे काफी लोग

रेजोनेंट मूवीज और शोज देखने में एक प्रॉब्लम वाली बात यह होती है कि उनकी भाषा आप समझ नहीं सकते लेकिन amazon's अवेलेबल है और कुछ शोज के तो तमिल और तेलुगु डब्स भी अवेलेबल हैं तो ये एक बड़ा ही इंटरेस्टिंग जरिया है आप दुनिया के अलग-अलग देशों का कंटेंट देख सकते हो अपनी लैंग्वेज में और इससे आपको दुनिया के अलग-अलग कल्चर्सल है

amazon's ड से सपोर्टेड है तो आप सारा कंटेंट फ्री में देख सकते हो और सबसे बढ़िया चीज ये हर हफ्ते नया कंटेंट भी ऐड करते रहते हैं तो amazon's के इस आर्टिकल को देखिए साल 1975 से साउथ कोरिया बैंड द फॉरेन म्यूजिक साउथ कोरिया ने हर उस फॉरेन गाने पर बैन लगाया है जिसमें मोरल स्टैंडर्ड नहीं देखने को मिलता था दो लंबी ब्लैकलिस्ट इशू करी गई जिसमें 260 से ज्यादा गाने थे प्रोटेस्ट सोंग्स रॉक सोंग्स गाने बॉब डिलेन का लेजेंड सॉन्ग ब्लोइंग इन द विंड भी बैन किया गया साउथ कोरिया में ये सिर्फ 1990 में जाकर ही था कि जब डेमोक्रेसी वापस आई तो चीजें धीरे-धीरे बदलने लगी साल 1993 की हॉलीवुड फिल्म जुरासिक पार्क बड़ी पॉपुलर हुई दुनिया भर में और बहुत पैसा कमाया उसने बॉक्स ऑफिस पर साउथ कोरिया के जो प्रेसिडेंशियल एडवाइजरी बोर्ड ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी थे उन्होंने एक रिपोर्ट सबमिट करी साउथ कोरियन प्रेसिडेंट को ये मेंशन करते हुए कि ये देखो इस एक हॉलीवुड फिल्म ने इतना रेवेन्यू कमाया है जितना डेढ़ मिलियन

गाड़ियां बेचकर मिलता इसके बाद इनकी सरकार को लगा कि हमें मीडिया प्रोडक्शन को स्ट्रेटेजिक इंडस्ट्री के तौर पर प्रमोट करना चाहिए अपने देश में इसी साल एक कोरियन फिल्म सयो पंजे रिलीज हुई कोरियन सिनेमा पर ज्यादा लोगों को उम्मीद नहीं थी इस फिल्म से क्योंकि इस पॉइंट ऑफ टाइम पर सिर्फ हॉलीवुड फिल्में हिट होती थी साउथ कोरियन बॉक्स ऑफिस पर लेकिन यह फिल्म ट्रेडिशनल फोक म्यूजिकल स्टोरी टेलिंग पर बेस्ड थी और लोगों को कोरिया में यह फिल्म इतनी पसंद आई कि यह पहली कोरियन फिल्म बन गई 1 मिलियन से ज्यादा टिकट्स सेल करने वाली सिर्फ साउथ कोरिया की राजधानी सोल के शहर में अब कोरियन सरकार को एहसास होने लगा कि इस मीडिया इंडस्ट्री में बहुत पोटेंशियल है उन्हें आईडिया आया क्यों ना हम कोरियन कल्चर को एक ग्लोबल एक्सपोर्ट बना दें और यहां पर सरकार ने एक बड़ा प्रोएक्टिव रोल निभाया यहां थोड़ी कोरियन इकॉनमी की भी बात करनी जरूरी है कि कोरियन सरकार इतना एक्सपोर्ट्स पर क्यों फोकस कर रही थी 1962 और 1989 के बीच में कोरिया का जो नॉमिनल जीडीपी पर कैपिटा था वो 50 गुना बढ़ चुका था 1962 में $4 से लेकर 1980 9 में

5438 तक पहुंच चुका था जनरल पार्क ने कई प्राइवेट बैंकों को नेशनलाइज किया था देश में डिक्टेटरशिप के चलते पाक का कंट्रोल ऑलमोस्ट हर चीज पर था इंटरेस्ट रेट क्या होगा देश में टैक्स बेनिफिट किसे मिलेंगे फॉरेन एक्सचेंज एलोकेशन कैसे होगी और लाइसेंसेस कैसे दिए जाएंगे इंपोर्ट एक्सपोर्ट के लाइसेंसेस ये सब पाक के कंट्रोल में थे और पाक ने इस कंट्रोल का इस्तेमाल किया चेबल को प्रमोट करने के लिए चेबल यहां पर एक कोरियन शब्द है जिसका बेसिकली मतलब है बहुत बड़े-बड़े फैमिली बिजनेसेस इन्हें फॉरेन कंपटीशन से बचाया गया और सरकार ने इन्हें अलाव किया लेबर को एक्सप्लोइट करना देश में अगर आपको याद हो मैंने सिंगापुर पर एक पूरी केस स्टडी करी थी कि सिंगापुर का देश इतना डेवलप्ड देश कैसे बना इस वीडियो में उसकी बात करी थी अगर वीडियो नहीं देखा है इसका लिंक डिस्क्रिप्शन में है सिंगापुर उस वक्त जो प्रॉब्लम्स फेस कर रहा था वो साउथ कोरिया की प्रॉब्लम से काफी सिमिलर थी एक छोटा सा देश जिसका डोमेस्टिक मार्केट बड़ा छोटा है पॉवर्टी के कारण डोमेस्टिक सेविंग्स की कमी है नेचुरल रिसोर्सेस कोई है नहीं देश में इसका मतलब अगर देश को ग्रो करना है तो एक्सपोर्ट पर फोकस करना पड़ेगा एक्सपोर्ट ओरिएंटेड इंडस्ट्रियल इजेशन सिंगापुर की तरह साउथ कोरिया ने भी इस चीज पर फोकस किया कई सारे मैन्युफैक्चर्ड आइटम्स विग्स स्टफ टॉयज शिप बिल्ल्डिंग ऑटोमोबिल होम इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स केमिकल सेमीकंडक्टर्स इन सब चीजों को एक्सपोर्ट लिस्ट पर डाला गया हमारा देश इन सारी चीजों को एक्सपोर्ट करेगा दुनिया को और इस तरीके से हमारा देश ग्रो करेगा और एक्सपोर्ट करने की जब बात आई तो सरकार ने सोचा क्यों ना हम कोरियन कल्चर को भी एक्सपोर्ट करें इसी रीजन से 1994 में कोरियन सरकार स्थापना करती है कल्चरल इंडस्ट्री ब्यूरो की पुराने घिसे पिटे मोशन पिक्चर लॉ को हटाकर अब एक नया फिल्म प्रमोशन लॉ लाया जाता है 1996 में पिछले लॉ में लिखा था कि ऐसी फिल्में नहीं बन सकती वैसी फिल्में नहीं बन सकती इस पर सेंसर उस पर सेंसर अब कहा गया जो बनाना है बनाओ देश के सभी फिल्म मेकर्स और आर्टिस्ट अपनी फुल क्रिएटिविटी से काम करो इसी बीच सरकार को एक मीडिया पॉलिसी रिपोर्ट सबमिट करी जाती है जिसमें कंसर्न उठाया जाता है कि लेकिन हम कोरियन लोग उन बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल फॉरेन कंपनियों के साथ कैसे कंपीट करेंगे तो देखते ही देखते samsung's जो हैं वो मीडिया सेक्टर में भी एक्सपेंड करने लग जाती हैं लिटरली डोमेस्टिक फिल्म प्रोडक्शन फॉरेन फिल्म इंपोर्ट डिस्ट्रीब्यूशन एग्जिबिशन ये सारे काम ये कंपनीज करने लग जाती हैं इन कंपनीज के पास पैसे की कमी तो थी नहीं तो पहली बार प्रॉपर तरीके से फिल्म प्रोडक्शन करी जा सकी ऑडियंस के टेस्ट पर मार्केट रिसर्च करी गई प्रेस्टीजियस यूनिवर्सिटीज में पढ़ना वाले एमबीए और ग्रेजुएट्स को फिल्म कंपनीज में हायर किया गया और चेबल की मदद से बड़े-बड़े बजेट्स की फिल्में बन पाई जैसे कि यह स्विरी फिल्म जो कि पहली हॉलीवुड स्टाइल बिग बजट ब्लॉकबस्टर फिल्म थी कोरियन फिल्म इंडस्ट्री में इस मेलो ड्रामे एक्शन फिल्म ने हॉलीवुड स्टोरी टेलिंग का इस्तेमाल किया लेकिन जो कंटेंट था वो स्ट्रिक्टली कोरियन था इसे एक्चुअली में

samsung.in ब्लॉकबस्टर फिल्म से भी ज्यादा लोग देख देखने आए साउथ कोरिया में यह अपने समय की कोरिया की हाईएस्ट एवर ग्रॉसिंग फिल्म बन गई इसके बाद से अब कोरियंस को भी इंटरेस्ट आने लगा अपनी लोकल फिल्में देखने में फिल्म प्रोडक्शन कंपनी को इनकरेज किया जाने लगा कि अब कोरिया के बाहर भी अपनी फिल्में दिखाओ लेकिन 1997 में एक भयानक फाइनेंशियल क्राइसिस आ जाती है गल मार्केट

अर एन फाइनेंसियल क्राइसिस देशों पर सबसे बुरा असर देखने को मिला थाईलैंड इंडोनेशिया और साउथ कोरिया आईएमएफ को मदद करनी पड़ी इन देशों की लेकिन आईएमएफ ने कुछ कंडीशंस रखी अपनी साउथ कोरिया की इस इकोनॉमिक क्राइसिस के पीछे चेबल और क्रोनी कैपिट ज्म को जिम्मेदार ठहराया गया ढेर सारी इल्लीगल इनसाइडर ट्रेडिंग देखने को मिली थी टैक्स एवेजन हुआ इनडायरेक्ट क्रॉस ओनरशिप देखने को मिली इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने साउथ कोरियन सरकार को कहा कि अगर मदद चाहिए हमारी तो यह जो रायता फैला रखा है इसे साफ करो आठ नए रूल्स बनाए साउथ कोरियन सरकार ने चे बोल्स को को लेकर इनमें से एक रूल था ये लोकल बड़े-बड़े फैमिली ओंड बिजनेसेस इन्हें हर तरह के बिजनेस में घुसने नहीं दिया जाना चाहिए यह सिर्फ अपने कोर सेक्टर्स पर फोकस करें यही कारण कि samsung's ने फिल्म प्रोडक्शन से अपने बिजनेसेस हटा लिए और नए छोटे प्लेयर्स को मौका मिल पाया इस स्पेस में एंट्री मारने का इस फाइनेंशियल क्राइसिस ने ना सिर्फ कोरिया की इकॉनमी को तोड़ के रख दिया था बल्कि कोरिया की इंटरनेशनल इमेज भी नीचे गिरी थी तो कोरियन प्रेसिडेंट किम डे जुंग ने सोचा कि कल्चर यहां पर एक बहुत अच्छा टूल है ना सिर्फ इकॉनमी को रिवाइव करने का बल्कि देश की रीब्रांडिंग का भी आज के दिन किम डे जुंग एक हाईली रिस्पेक्टेड इंसान है साउथ कोरिया में इन्हें कल्चर प्रेसिडेंट भी कहा जाता है यह इनके और इनके सक्सेसर रो म ह्यून की वजह से ही था कि साउथ कोरिया में एक कल्चरल रेवोल्यूशन देखने को मिली इंटरेस्टिंग किम डे जुंग इकलौते कोरियन है नोबेल प्राइज जीतने वाले भी

तो ऐसे क्या कदम उठाए इन्होंने बदलाव के लिए पहला पैसों की एलोकेशन साल 1999 में किम ने बेसिक लॉस फॉर द कल्चरल इंडस्ट्री प्रमोशन प्रोजेक्ट की स्थापना करी 148.5 मिलियन डॉलर्स इस प्रोजेक्ट के लिए रखे गए मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर के अंदर एक स्पेसिफिक डिपार्टमेंट बनाया गया कोरियन पॉप म्यूजिक के लिए दूसरा इंफ्रास्ट्रक्चर की डेवलपमेंट मल्टी मिलियन डॉलर कंसर्ट ऑडिटोरियम्स बनाए गए देश भर की यूनिवर्सिटीज में कल्चर इंडस्ट्री डिपार्टमेंट बनाए गए नरे बैंक्स देश भर में उभर कर आने लगे नरे बैंक्स क्या है यह बेसिकली काके बार्स हैं जहां पर लोग ड्रिंक कर सकते हैं और काके की सिंगिंग कर सकते हैं तीसरा डिजिटल कोरिया कई लोगों का मानना है कि ये कोरियन टीवी शोज और फिल्में इतनी पॉपुलर इसलिए हुई क्योंकि कोरोना के टाइम पे सब लोग अपने घर में बैठे थे और youtube0 प्लेटफॉर्म्स पर नए कंटेंट की तलाश में थे इसलिए सबने कोरियन ड्रामासोनलाइन

शुरू कर दी थी साल 1998 में पहली बार घर में रहने वाले लोगों के पास ब्रॉडबैंड सर्विसेस आई साउथ कोरिया में लेकिन इतनी तेजी से ब्रॉडबैंड कनेक्शंस को प्रमोट किया गया कि 2004 तक ऑलमोस्ट 12 मिलियन हाउसहोल्ड्स के पास ब्रॉडबैंड कनेक्शंस थे कोरिया को टाइटल मिला दुनिया के मोस्ट वायर्ड नेशन का इसकी वजह से चौथा रिमूवल ऑफ सेंसरशिप किम ने सारे सेंसरशिप के लॉस को रिलैक्स कर दिया इससे पहले जैसा मैंने बताया था कि अगर देश के सोशो इकोनॉमिक इश्यूज पर कोई सीरियस फिल्म बनाता तो उसे नेशनल घोषित किया जा सकता था उन्हें कहा जा सकता था कि वो तो दुश्मन नॉर्थ कोरियन देश को प्रमोट कर रहे हैं और नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत उन्हें अरेस्ट भी किया जा सकता था लेकिन किम आर्टिस्टिक और क्रिएटिव फ्रीडम में विश्वास रखते थे जो बोर्ड का रिव्यू होता था उसे पूरी तरीके से खत्म कर दिया गया और एक अमेरिकन स्टाइल एज रेटिंग मेथड लाया गया अब देश में आम आदमी की प्रॉब्लम्स को खुलकर फिल्मों में दिखाया जा सकता यही कारण कि पैरासाइट जैसी फिल्में दुनिया भर में जबरदस्त तरीके से पॉपुलर हुई पैरासाइट ने कैंस फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म का अवार्ड जीता और यह पहली नॉन इंग्लिश फिल्म बनी ऑस्कर जीतने वाली बेस्ट फिल्म का इस फिल्म में क्या दिखाया गया था साउथ कोरिया की एक्सट्रीम इन इक्वलिटी जो गरीब और अमीर के बीच में एक डिवाइड है कोरिया के अंदर यह दुनिया के सामने दिखाया लेकिन किसी ने यह नहीं कहा कि डायरेक्टर बंग जून हू ने देश का नाम खराब कर दिया किसी ने यह नहीं कहा कि यह देश की पॉवर्टी दुनिया के सामने बेच रहा है इनफैक्ट साउथ कोरियन प्रेसिडेंट मनजे ने खुद इस फिल्म की तारीफ करी इसे द मोस्ट कोरियन स्टोरी करके पुकारा याया में लोगों ने इस बात पर जशन बनाया कि यह फिल्म इतनी पॉपुलर हुई दुनिया भर में और इसकी पॉपुलर के पीछे एक बड़ा कारण यह है कि फिल्म में जो असल इश्यूज की बात करी गई है उससे ना सिर्फ कोरियन ऑडियंस बल्कि बाकी दुनिया के लोग भी रिलेट कर पाते हैं गरीबी बेरोजगारी क्राइम जेंडर डिस्क्रिमिनेशन ये एक ऐसे इश्यूज हैं जो कोरिया स्पेसिफिक नहीं है दुनिया के बाकी देशों में भी देखने को मिलते हैं और इमोशनल लेवल पर यह फिल्म सबके साथ

रेजोनेंस आए तो कोरिया में एक 386 सि जनरेशन थी ये वो लोग थे जो 1960 में पैदा हुए थे कोरिया में और 1980 की डेमोक्रेसी मूवमेंट के दौरान ये लोग बड़े पॉलिटिकली एक्टिव रहे थे अर्ली 1990 तक आते-आते ये लोग अपने 30 में थे और यह पहली जनरेशन थी जिसे अपने देश के बाहर जाने का मौका मिल पाए सही सुना आपने कोरियंस के लिए फॉरेन ट्रेवल इससे पहले बहुत ही ज्यादा लिमिटेड होता था सिर्फ टूरिज्म के तौर पर फॉरेन ट्रिप्स करना सिटीजंस के लिए बैंड होता था इसके पीछे कारण यह था कि इनकी सरकार को चिंता थी कि फॉरेन करेंसी में डिप्लीशन देखने को मिल सकता है लेकिन जब इकॉनमी की हालत सुधरी लिबरलाइजेशन आई तो इन बैंड्स को हटाया गया और यह 386 जनरेशन वाले लोग बाकी देशों में जाने लगे फॉरेन फिल्म स्कूल्स में इन्होंने पढ़ाई करी इन्हें ट्रैवल करके जिंदगी और फिल्म मेकिंग में नए पर्सपेक्टिव्स देखने को मिले इसी जनरेशन के कई लोग आगे चलकर फेमस फिल्म डायरेक्टर्स बने लेफ्ट लीनिंग डायरेक्टर्स जिन्होंने सोशल इश्यूज पर बड़ी इंपॉर्टेंट फिल्म्स बनाई बंग जुन हू और किम की दुख इसके बड़े नोटेल एग्जांपल्स हैं बंग जुहू की एक फिल्म तो पैरासाइट हमने बताई ही लेकिन इसके अलावा इनकी एक और फिल्म है ओकजा और स्नो पियर्सर यह फिल्में भी कैपिट ज्म के ऊपर क्रिटिकल कमेंट्रीज हैं दूसरी तरफ किम की डुक की फिल्म पीटा एक हार्टलेस लोन रिकवरी एजेंट की कहानी सुनाती है इस फिल्म ने गोल्डन लायन बेस्ट फिल्म का अवार्ड जीता वेनिस फिल्म फेस्टिवल में उस जमाने की इंटरनेशनली सबसे पॉपुलर कोरियन फिल्म रही है ओल्ड बॉय बाय पार्क चैन वक ये एक वायलेंट डार्क रिवेंज ड्रामा है जिसे अनऑफिशियली इंडिया में भी रिमेक किया गया था जिंदा नाम से एक फिल्म बनाई गई थी ऑफिशियल इसका हॉलीवुड में भी एक रिमेक बना सेम टाइटल के साथ ओल्ड बॉय नाम से डार्क थ्रिलर्स कोरिया में एक समय पर सबसे पॉपुलर जनरे हुआ करता था एक विलन फिल्म जो है हमारी वो कोरियन मूवी आई सॉ द डेविल से इंस्पायर्ड है बॉलीवुड फिल्म मर्डर टू द चेजर कोरियन फिल्म की कॉपी है आउट लॉस को कॉपी किया गया राधे र मोस्ट वांटेड भाई में अब कोरियन फिल्म इंडस्ट्री यहां पर यह नहीं चाहती थी कि पूरी इंडस्ट्री को स्टीरियोटाइप कर दिया जाए कि यह तो सिर्फ डार्क थ्रिलर फिल्में बनाते हैं तो कोरियन सिनेमा की तरफ से कई रोमांटिक और कॉमेडी ब्लॉकबस्टर्स भी आई जैसे कि इल मारे 2000 में रिलीज हुई फिल्म जो कि पहली कोरियन फिल्म बनी जिसे हॉलीवुड में रिमेक किया गया द लेक हाउस नाम से ड्रामा की बात करी जाए तो सबसे पहली कोरियन ड्रामा जो सक्सेसफुल रही थी वो थी व्हाट इज लव यह पहला टीवी शो था जो चाइना में भी ऑफिशियल एक्सपोर्ट किया गया था और चाइना सेंट्रल टेलीविजन पर भी दिखाई गई साल 1997 में कई लोग मानते हैं कि यह पहला साइन था हालू का हालू शब्द का मतलब है द कोरियन वेव इसके बाद आने वाले दशकों में कोरियन वेव पूरी दुनिया में फैली हालू अब नेक्स्ट लेवल पर पहुंच चुका था लय आल्सो नोन एज अ कोरियन वेव वेव द कोरियन वेव कोरियन ड्रामा वेव की पीक आई जब स्क्विड गेम्स दुनिया का सबसे ज्यादा देखे जाने वाला वेब शो बन गया [संगीत]

netflix's में ऐसी क्या खास बात है कि यह इतने एडिक्टिव और पॉपुलर है सबसे मेन कारण यहां पर बताया जाता है इमोशनल रियलिज्म इमोशनल पर्सपेक्टिव से देखा जाए तो जो कहानी दिखाई जा रही है वो बहुत रियलिस्टिक होती है दूसरा जो कहानियां इनमें दिखाई जाती है वो अलग-अलग बैकग्राउंड के लोगों की दिखाई जाती है चाहे वो रॉयल सीक्रेट एजेंट में हिस्टोरिकल कोरिया दिखाया जा रहा हो या फिर हश में जर्नलिज्म की दुनिया दिखाई जा रही है या फिर टेल ऑफ द नाइ टेल में एक फो क्लोर फैंटेसी ही क्यों ना दिखाई जा रही तीसरा जो के ड्रामासोनलाइन

बनाने में एक इंटरेस्टिंग इक्ट यहां पर 94.6 पर के ड्रामा के जो स्क्रीन राइटर्स हैं वो औरतें हैं एक्चुअली में यह एस्टीमेट किया है कोरियन ब्रॉडकास्ट राइटर्स यूनियन गानों पर आए तो जैपनीज कंटेंट को एक्चुअली में साउथ कोरिया में बैन किया गया था एज अ पार्ट ऑफ डी कॉलोनाइजेशन प्रोसेस लेकिन किम जापान और साउथ कोरिया के रिलेशंस को सही राह पर लेकर गए जब इन्होंने इस बैन को हटाया इसके बाद से जपनीज पॉप सोंग्स साउथ कोरिया में एंटर किए जिन्हें जे पॉप बुलाया जाता है एओटी वन ऑफ द फर्स्ट जनरेशन कोरियन बॉयज बैंड था इनकी 1996 की डेब्यू एल्बम वी हेट ऑल काइंड ऑफ वायलेंस ने 1.5 मिलियन कॉपीज

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