विवेक बिंद्रा बनाम संदीप माहेश्वरी | ग़लत कौन है?

 नमस्कार दोस्तों 11 दिसंबर को मोटिवेशनल स्पीकर संदीप महेश्वरी ने एक वीडियो अपलोड किया अपने

youtube4 नाम से इस वीडियो में कुछ यंग लोगों ने खड़े होकर बताया कि कैसे उनके साथ एक बड़ा स्कैम हुआ था कहा गया कि इन्होंने करीब ₹5000000 में एक ऑनलाइन कोर्स खरीदा जिसमें खुद में कुछ खास नहीं था लेकिन उसे लेजली एक एमएलएम स्कीम की तरह बेचा जा रहा था दिक्कत ही आ रही है ना जो कोर्स का उने मार्केटिंग करी थी ये कोर्स में आपको ये बिजनेस की ये लर्निंग मिल जाएगी ये बिजनेस सीख लो किस तरीके से आप ऐसा कुछ भी नहीं वहां वो सेल्समैन बना रहे हैं लोगों को कहा गया कि अगर आपको भी लाखों रुपए कमाने हैं तो आप भी इसे आगे जाकर और लोगों को बेचो रिश्तेदार हैं उन्होंने मेरे पेरेंट्स को जसे मि लिया उस उन्होंने पहले मेरे पेरेंट्स के थ्रू उनको बताया कि आप ये करवा लो अपने बेटे से लाइफ सेट हो जाएगी एक और अनफॉर्चूनेटली ये कही जाती है कि ज्यादातर लोग जिन्होंने इसे खरीदा वो गरीब लोग थे बेरोजगार थे और पैसे का लालच देकर उन्हें यह खरीद वाया गया हालांकि वीडियो में किसी स्कैमर का नाम नहीं मेंशन किया गया था लेकिन देखने वाले लोगों ने कहा कि यह वीडियो विवेक बिंद्र की ओर इशारा करता है विवेक बिंद्र एक और मोटिवेशनल स्पीकर और बिजनेस कोच 18 दिसंबर को ये बात अपने आप ही क्लियर हो जाती है क्योंकि विवेक बिंद्रा अपने youtube0 रुपए चार्ज करते हैं और विवेक बिंद्रा का तो यह तक भी कहना था कि ये कंट्रोवर्सी इसलिए उठी क्योंकि संदीप महेश्वरी के चैनल पर व्यूज नहीं आ रहे थे दो दो लाख वीडियो चल रहे थे आपके बिजनेस कोचिंग वाले चल नहीं रहे थे तो आपने सोचा ये स्कैम स्कैम कर दूं क्योंकि आपका कोई वीडियो 2 लाख व्यू से ऊपर नहीं जा रहा था बिजनेस मास्टरी का ऐसी आर्गुमेंट की बात हम इस वीडियो में नहीं करेंगे दोस्तों क्योंकि ये सब ड होमिनम लॉजिकल फैले की कैटेगरी में आती हैं जहां पर पॉइंट पर बात करने की जगह है आप दूसरे इंसान को पर्सनली टारगेट करना शुरू कर दो विवेक बिंद्रा की सेकंड लाइन ऑफ आर्गुमेंट थी कि मैंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है मैंने फ्री मील्स बटवा हैं मैंने लोगों को ट्रेन किया है मैंने ये किया मैंने वो किया स्कैम हो तो क्या 12 विश्व रिकॉर्ड बन जाते हैं कि रातों रात पूरा अस्पताल खड़ा करा दिया था 2 करोड़ लोगों को हमने फ्री मील्स बटवा थे 200 बेड का अस्पताल तैयार किया ये सब सब ठीक है लेकिन स्कैम की एलिगेशंस को लेकर इरेलीवेंट है एक्चुअली में जो आरोप विवेक बिंद्रा पर लगे उसके रिस्पांस में उन्होंने दो टाइप की चीजें कही पहला अपने आप को डिफेंड करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी के जो रिकॉर्ड्स हैं वो क्लीन है उनकी बैलेंस शीट में कोई स्कैम नहीं है क्योंकि अनस्ट एंड यंग जैसी रेपुटेड कंपनी ने उनका ऑडिट किया है वो कहते हैं कि यहां पर फुल ट्रांसपेरेंसी है फाइनेंशियल कंट्रोल और स्टेट्यूटरी कंप्लायंस सारे के सारे आज अर्नस्टीन यंग कर रहा है हमारा फिर इन्होंने कहा कि इनके सेल्स डिपार्टमेंट में क्वालिटी है इन कि एक मनी बैक गारंटी है और अगर कोई मिस सेलिंग करता है तो इमीडिएट रिफंड कर दिया जाता है जरा सा भी बोल देता है मिस सेलिंग हुआ ऑन द स्पॉट रिफंड होता है इन्होंने कहा कि लोग इनसे सीखने आते हैं और उनमें से कुछ लोग अफील के तौर पर जवाइन करते हैं और जो भी ये कर रहे हैं उसमें कोई एमएलएम स्कीम नहीं है यहां पर कोई मल्टी लेवल मार्केटिंग नहीं हो रही बल्कि एफिलिएट मार्केटिंग हो रही है मल्टीलेवल का मीनिंग क्या है आपको मालूम है जब बहुत सारे लेवल हो यहां एक ही लेवल है वो एफिलिएट होता है मल्टी लेवल नहीं होता ये मल्टीलेवल मार्केटिंग और एफिलिएट मार्केटिंग में क्या फर्क है इसकी बात मैं आगे वीडियो में करता हूं लेकिन दूसरा आर्गुमेंट विवेक बिंद्रा का अपोलोजि था इन्होंने इस बात को एडमिट किया अपने वीडियो पर कि कुछ थोड़े से लोगों ने मिस सेलिंग करी है और इनसे जहां गलती हुई है वहां पर यह माफी मांगने के लिए तैयार हैं और क्योंकि कुछ थोड़े से लोगों ने मिस सेलिंग करी तो इन्होंने ये पूरा का पूरा प्रोग्राम ही बंद कर दिया था मई के महीने में क्योंकि कुछ लोग ने मिस सेलिंग किया था नीचे बहुत छोटी मात्रा थी पूरा प्रोग्राम मई में बंद कर दिया जिसका वीडियो आपने आज बनाया अपना बिजनेस मास्टर शुरू करते वक्त इसके रिस्पांस में 20 दिसंबर को संदीप महेश्वरी एक और वीडियो अपलोड करते हैं और इस बारी सीधा और ओपनली टारगेट करते हैं ये विवेक बिंद्रा को इस वीडियो में एक बारी फिर से वही एलिगेशंस दोहराए जाते हैं कि कैसे लोगों को एक सेमिनार में ले जाया गया सपने दिखाए गए और चार बेवकूफ पकड़ करके लाओ और उसपे 30 पर 35 पर जो भी है कमीशन लो और जो आपने पैसा लगाया वो पूरा पैसा आपको वापस ये स्कैम है दूसरी तरफ विवेक बिंद्रा के लिए प्रॉब्लम्स और बढ़ जाती हैं क्योंकि इसी बीच कुछ पुरानी वीडियो क्लिप्स उनकी सर्कुलेट करने लगती हैं जिसमें उन्होंने एससीएसटी डॉक्टर्स को स्टीरियो टाइप किया और रिजर्वेशन को क्रिटिसाइज किया रिजर्वेशन का मतलब है एंटी प्रोग्रेसिव जो आदमी में दम है उसको आगे नहीं जाने देते इंडियन सिस्टम क्या है पूरी तरह ऑपोजिट है मेरीटोक्रेसी की मेरिट पे नहीं चलाते यहां पे कितने बारी ऐसा होता है कि सर्जर का इक्विपमेंट अंदर ही छोड़ के आ जाता है रियन करते वक्त कभी कॉटन अंदर छोड़ देता डॉक्टर ऑब् वियस मेरी राय में ये एक बहुत ही गलत स्टेटमेंट है जो प्रिविलेज ब्लाइंडनेस दर्शाती है जो लोग लोअर कास्ट लोगों की पोजीशन पर नहीं होते वो लोग नहीं जानते कि आज के दिन भी कितना कास्टि जम और कास्टि डिस्क्रिमिनेशन देश में देखने को मिलती है लेकिन विवेक बिंद्र के लिए पूरी सिचुएशन और भी ज्यादा बिगड़ जाती है जब यह वाली खबर सामने आती है डेज आफ्टर वेडिंग मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा बुक्ड फॉर अल्टिंग वाइफ एलेज ली इन्होंने अपनी पत्नी को मारा पीटा और फिजिकली अब्यूड़ोस इसके चलते इनके खिलाफ एक पुलिस कंप्लेन दर्ज करी जाती है कंप्लेन दर्ज करने वाले एक गाजियाबाद के रेजिडेंट वैभव क्वात्रा उन्होंने आरोप लगाया कि इनकी बहन ने विवेक बिंद्रा से शादी करी थी 6 दिसंबर को और 7 दिसंबर को एक आर्गुमेंट के बाद इतनी बुरी तरीके से उनकी बहन को मारा पीटा गया कि उन्हें सुनने में अब दिक्कत होती 14 दिसंबर को इसको लेकर नोएडा के पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया जाता है और यह बात अगर सच है तो बहुत ही शॉकिंग है क्योंकि विवेक बिंदरा एक ऐसे इंसान है जो और लोगों को लाइफ लेसंस दिया करते थे भगवत गीता के कोट सुनाते थे लोगों को यह सिखाने के लिए कि वह अपनी जिंदगी कैसे इंप्रूव कर सके लेकिन जैसा मैंने आपको पिछले वीडियोस में कई बारही बताया है हमें यहां पर मीडिया ट्रायल नहीं करना चाहिए कई बारी जो दिखता है वह होता नहीं और जो होता है वह दिखता नहीं तो केस खत्म होने से पहले कोर्ट की जजमेंट आने से पहले हमें किसी को दोषी यहां नहीं मानना चाहिए तो अपने मेन मुद्दे पर अब वापस आए बड़ा बिजनेस का ये में ही डिसाइड किया जाएगा लेकिन इतना तो हम समझ सकते हैं कि क्या यहां पर लीगल है और क्या इलीगल है और उससे भी ज्यादा इंपॉर्टेंट मेरी राय में मैं आपको समझाना चाहूंगा कि क्या यहां पर मॉरल है और क्या इम्मोरल है इस कोर्सेस एफिलिएट्स और एमएलएम की दुनिया

[संगीत]

में सबसे पहले बिल्कुल बेसिक से समझते हैं बिजनेस करने का क्या मतलब है इसका मतलब है आप किसी को कोई प्रोडक्ट या सर्विस बेचते हो और उसके बदले आपको पे किया जाता है आपको पैसे मिलते हैं बड़ी ही सिंपल ट्रांजैक्शन है प्रोडक्ट का मतलब कोई भी फिजिकल प्रोडक्ट हो सकता है टेबल चेयर गाड़ी बंगला कोई भी चीज यहां आपको बेची जा रही है और दूसरी तरफ सर्विस का मतलब हो गया कोई भी सेवा आपको दी जा रही है अब सिनेमा हॉल में पिक्चर देखने जाते हो वो एक सर्विस का बिजनेस हो गया या किसी से कंसल्टेशन लेते हो या फिर टैक्स एडवाइजर या लॉयर से उनकी सर्विसेस लेते हो वो सर्विस टाइप का बिजनेस हो गया तो प्रोडक्ट या सर्विस कुछ भी यहां बेचा जा रहा है मतलब बिजनेस है अब क्योंकि हम इंटर इंटरनेट के जमाने में जीते हैं तो जरूरी नहीं कि प्रोडक्ट यहां पर एक फिजिकल प्रोडक्ट हो प्रोडक्ट डिजिटल प्रोडक्ट भी हो सकता है जैसे कि कोई ऑनलाइन सॉफ्टवेयर अगर कंप्यूटर पे आप महीने आने वाला है जो कि होगा ट्यूबर बनने पर कैसे आप

youtube1 डे एमबीए वाला कोर्स और यहां पर आती है दोस्तों मेरी राय में पहली इम्मोरल चीज ब्रांडिंग की प्रॉब्लम मेरी राय में कोर्स को यह नाम देना बहुत ही मिसली दिंग चीज है मैं ये नहीं कह रहा कि कोर्स में जो सिखाया जा रहा है वो वैल्युएबल नहीं है या नॉलेजेबल नहीं है लेकिन 10 डे एमबीए नाम दे देना एमबीए का मतलब क्या होता है मास्टर्स इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन इसको कोर्स को जॉइन करने वाले लोगों को शायद लगे कि पूरी की पूरी एमबीए की डिग्री यहां 10 दिन में कंप्लीट हो जाएगी लेकिन क्या ऐसा हो सकता है एक एमबीए की डिग्री को करने में एक से दो साल का समय लगता है ऑन एवरेज ये तो वही बात हो गई जैसे ये टोमेटो केचप की बोतल फ्रेश टोमेटो केचप नाम देखकर आपको लगेगा कि इसमें फ्रेश टमाटर डले होंगे लेकिन नहीं ये तो सिर्फ एक ब्रांड नेम है इस पैकेट को पीछे घुमा कर देखोगे तो लिखा हुआ है दिस इज ओनली अ ब्रांड नेम स्ल ट्रेड मार्क एंड डज नॉट रिप्रेजेंट इट्स ट्रू नेचर अमूल फ्रेश पनीर का मतलब ये नहीं कि पनीर फ्रेश है ये भी सिर्फ इसका नाम है आप पैकेट घुमाओ तो इसमें भी वही लाइन लिखा हुआ है यहां पर भी यही बहाना दिया जा सकता है कि नहीं ये तो बस ब्रांड का नाम है 10 डे एमबीए इसका मतलब ये नहीं कि आपको एमबीए की डिग्री मिल रही है लेकिन सोच कर देखो मैं अपने चैट जीपीटी कोर्स के साथ ये करूं अपने कोर्स का नाम मास्टर चैट जीपीटी की जगह है मैं कोर्स का नाम रख दूं बैचलर्स डिग्री इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आपको ये कहकर उसे बेचू कि ये देखो ये तो बैचलर्स डिग्री इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाला कोर्स है मेरा खरीदने वाले को लगेगा कि क्या मतलब पूरी की पूरी बैचलर्स डिग्री मिल जाएगी यहां पर नहीं नहीं नहीं फिर मैं कहूंगा कि देखो ये तो सिर्फ ब्रांड नेम है इस 5 घंटे के कोर्स में आप चैट जीपीटी को इस्तेमाल करना सीखो ग लेकिन ये बैचलर्स इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तो सिर्फ ब्रांड नेम है मेरा ये चीज इल्लीगल नहीं है करनी लेकिन मेरी राय में यह करना बहुत ही इम्मोरल है दूसरा पॉइंट है यहां पर कोर्स के प्राइस को लेकर कुछ लोगों ने आर्गुमेंट उठाया कि विवेक बिंद्रा ने अपना कोर्स ₹5000000 में बेचा इतना ज्यादा कैसे हो सकता है एक ऑनलाइन कोर्स का प्राइस ये तो पक्का स्कैम होगा कुछ लोगों का ऐसा कहना था वैसे यहां पर दो अलग-अलग कोर्सेस की बात हो रही है 10 डे एमबीए वाला अलग कोर्स है और यह आईबीसी वाला जिसको लेकर पूरी कंट्रोवर्सी उठी है यह अलग कोर्स है लेकिन जब बात प्राइस पॉइंट की आती है इस आर्गुमेंट में मुझे सेंस लगता नहीं है कोई कोर्स सिर्फ इसलिए स्कैम नहीं बन जाता क्योंकि उसका प्राइस बहुत ज्यादा है अगर आपको उसका प्राइस ज्यादा लग रहा है तो शायद आप उसके टारगेट कस्टमर नहीं हो क्योंकि मैं पर्सनल एक्सपीरियंस से बताना चाहूंगा दोस्तों मैंने ₹5000000 के भी ऑनलाइन कोर्सेस खरीदे हैं 5000 के भी खरीदे हैं 50000 के भी खरीदे हैं और ₹ लाख के भी ऑनलाइन कोर्सेस खरीदे हैं मजाक नहीं कर रहा यहां पर मैंने एक कोर्स खरीदा था जो लिटरली ₹ लाख का था और सच बता रहा हूं एक एक रुप जो मैंने उस कोर्स पर स्पेंड किया मुझे वर्थ इट लगा क्योंकि वो कोर्स मेरी जरूरतों को मीट करता था जिस चीज की मैं तलाश में था वह चीज मैंने उस कोर्स से सीखी और जो रिटर्न मुझे मिला जो नॉलेज मुझे मिली इस कोर्स से वो 5 लाख से भी ज्यादा वर्थ की थी तो कोई ऑनलाइन कोर्स सिर्फ इसलिए स्कैम नहीं होता क्योंकि उसका प्राइस ज्यादा है यही कारण है कि मैं कहूंगा संदीप महेश्वरी को लेकर भी जो कंट्रोवर्सी उठी थी यहां पर कि अखबार में उन्होंने एक ऐड छापी थी जिसमें वो कंसल्टेशन ऑफर कर रहे थे ₹ लाख की मुझे उसमें कुछ गलत नहीं लगता अगर आपको उसका प्राइस ज्यादा लगता है तो आप उसके टारगेट कस्टमर नहीं हो अगर आप मेरी जगह पर होते और ₹ लाख उस कोर्स पर स्पेंड करते जिस पर मैंने स्पेंड किए तो आपको शायद लगता है कि ये तो बिल्कुल पैसों की बर्बादी थी क्योंकि आप मेरी जगह पर नहीं हो जो चीज मुझे

वैल्यूएबल्स जरूरी नहीं है लोगों की जरूरतें अलग-अलग होती है और इस चीज को लेकर मैं एक सिंपल एडवाइस देना चाहूंगा कोई भी ऑनलाइन कोर्स खरीदने से पहले उस कोर्स के पेज पर जाकर उस कोर्स का करिकुलम देख लिया करो जो भी ट्रस्टेबल और अच्छे ऑनलाइन कोर्सेस होते हैं वो अपने कोर्स के पेज पर डिटेल में लिखते हैं कि एगजैक्टली आप क्या-क्या सीखने वाले हो इस कोर्स से जैसे मेरे टाइम मैनेजमेंट कोर्स के पेज पर देखो मैंने क्लियर लिखा है पांच मॉड्यूस हैं हर मॉड्यूल के अंदर क्या-क्या एगजैक्टली चैप्टर्स होंगे वो लिखे गए हैं सिमिलरली मैंने चैट जीपीटी के कोर्स में भी क्लियर लिखा है छह चैप्टर्स हैं इस कोर्स में पहले चैप्टर में चार लेसंस होंगे जो आपको ये ये चीजें सिखाएंगे दूसरे चैप्टर में आपको प्रोमट इंजीनियरिंग के बेसिक सिखाए जाएंगे तीसरे चैप्टर में स्टूडेंट्स पर फोकस किया जाएगा चौथे चैप्टर में यहां पर पर्सनल लाइफ पर फोकस किया जाएगा आप हेल्थ और फिटनेस ट्रेवल प्लानिंग फूड एंड डाइट प्लानिंग चैट जीपीटी का इस्तेमाल करके कैसे कर सकते हैं फिर बिजनेस और एंप्लॉयज पर फोकस है तो यहां कुछ छुपाया नहीं जा रहा है आपसे क्लियर लिखा है कि चैट जीपीटी की मास्टरी करना आप सीखेंगे डेली लाइफ में इसका इस्तेमाल करना सीखेंगे अपने घर में काम में स्कूल के कामों में जिससे कि आप अपनी प्रोडक्टिविटी और एफिशिएंसी बढ़ा पाएंगे इससे आपको अंदाजा लग जाता है कि ये कितना वैल्युएबल होगा आपके लिए वैसे इन दोनों में से किसी भी कोर्स को खरीदने में अगर आप इंटरेस्टेड हैं तो बताना चाहूंगा न्यू ईयर सेल चल रही है ध्रुव राठी अकैडमी पर 5थ जनवरी तक अगर आप कोई भी कोर्स खरीदेंगे तो आपको 45 ऑफ मिलेगा कूपन कोड न्यू ईयर यूज़ करने पर यह ऑफर सिर्फ 5थ जनवरी तक ही एप्लीकेबल है अगर आप इस वीडियो को उसके बाद देख रहे हैं तो इस कूपन का जो डिस्काउंट है वो अपने आप 45 से कम होकर 25 पर तक हो जाएगा लिंक इसका नीचे आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा या फिर आप इस क्यूआर कोड को भी स्कैन कर सकते हैं बस एक चीज का ध्यान रखना कि चैट जीपीटी वाला कोर्स हिंदी में है विद इंग्लिश सबटाइटल्स और टाइम मैनेजमेंट वाला कोर्स सिर्फ इंग्लिश में है अब अपने मुद्दे पर वापस आए तो तीसरा पॉइंट यहां उठता है मिस सेलिंग को लेकर अगर मैं अपना चैट जीपीटी वाला कोर्स आपको बेचू यह कहकर कि इस कोर्स से आप लाखों रुपए कमा सकते हो और वो इस सेंस में नहीं कि आप जो इस कोर्स से सीखो नॉलेज गेन करोगे उस नॉलेज को अप्लाई करोगे अपने बिजनेस में उससे प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी आपकी बिजनेस की और उससे आप लाखों रुपए कमा सकते हो उस सेंस में नहीं आप लाखों रुपए कमा सकते हो इस सेंस में कि जो भी इस कोर्स को खरीदेगा वो इस कोर्स को आगे बेचकर लाखों रुपए कमा सकता है क्या ऐसा करना सही हो होगा अगर मैं अपने कोर्स को उसकी वैल्यू के बेसिस पर ना बेचू बल्कि यह कह कर बेचू कि इस कोर्स को आगे बेचकर आप और रुपए कमा सकते हो यही आरोप कुछ लोगों ने विवेक बिंद्रा पर लगाया लोगों ने कहा कि विवेक बिंद्रा ने अपने कोर्स को यह कहकर बेचा कि इस कोर्स को अगर आप खरीदोगे तो आप एक से 20 लाख तक कमा सकते हो गारंटी दे रहा हूं ₹ लाख महीना पे आप पहुंचेंगे नहीं पहुंचे तो मेरे पास आके पैसा वापस मांग

लेना इस केस में क्या लीगल है क्या इल्लीगल है क्या मोरल है क्या इम्मोरल है इसे जानना थोड़ा और बन जाता है क्योंकि अपने आप में एफिलिएट मार्केटिंग में कुछ भी गलत नहीं है एक आम बिजनेस में क्या था जब आप अपने प्रोडक्ट या सर्विस को बेचते हो अफिट मार्केटिंग में क्या होता है आप किसी दूसरे के प्रोडक्ट या सर्विस को बेचते हो और जब आप ऐसा करते हो तो आपको उसका एक कमीशन मिलता है यह है एफिलिएट मार्केटिंग का बेसिस और बहुत सी कंपनीज ये करती हैं इसका एक बड़ा पॉपुलर एग्जांपल है amazon2 करते हो जिस पेंट ब्रश का आप इस्तेमाल करते हो वो अगर पेंट ब्रश का आप एफिलिएट लिंक अपने वीडियो में डाल सकते हो और अपने व्यूवर्स को कह सकते हो कि अगर आपको यही वाली पेंट ब्रश खरीदनी है तो मेरा एफिलिएट का लिंक इस्तेमाल करो और जब लोग उस लिंक को इस्तेमाल करेंगे तो आपको उस पर कुछ कमीशन मिलेगा

amazononline.in में डाल देते हैं और यह साइड इनकम का बड़ा अच्छा जरिया बन सकता है मैं भी एक दो साल पहले किया करता था लेकिन अब बंद कर रखा है और इस के लिए बहुत अच्छा मार्केटिंग का तरीका हो सकता है बिना एक्स्ट्रा पैसे खर्च किए मान लो अगर आप किसी बार्बर के पास गए और उस बार्बर ने कहा आपसे कि अगली बार बाल कटवाने आओगे तो अपने तीन दोस्तों को साथ में लेकर आना और आपके लिए हेयरकट फ्री हो जाएगा अब दोनों ही रेफरल या अफिट मार्केटिंग में कोई ना कोई जेनुइन प्रोडक्ट या सर्विस जरूर होती है जिसकी अपने आप में कुछ वैल्यू होती है अब इनके अलावा एक तीसरा मॉडल आता है डायरेक्ट सेलिंग का मॉडल ये एफिलिएट और रेफरल से एक स्टेप और ऊपर चले जाता है इस केस में आप लिटरली कंपनी के सेल्समैन की तरह बन जाते हो डोर टू डोर जाते हो लोगों के घरों में जाते हो

ऑफिसेसूट या सर्विस बेचते हो इसमें भी अपने आप में कुछ गलत नहीं है छोटे बिजनेसेस और छोटी कंपनीज के लिए एक बहुत अच्छा ऑप्शन रहता है क्योंकि उन्हें ज्यादा पैसे नहीं खर्च करने पड़ते हैं एडवरटाइजिंग और मार्केटिंग या ब्रांडिंग पर लेकिन बड़ी-बड़ी कंपनीज भी ये करती हैं जैसे कि यरेका फॉबस जो एक्वागार्ड के पीछे कंपनी है उनकी 10000 से ज्यादा डायरेक्ट सेलर्स की एक डायरेक्ट सेल्स फोर्स है और टप्परवेयर ऑलमोस्ट हर किसी के घर में जो प्लास्टिक के टप्परवेयर के डब्बे रखे होते हैं वो कंपनी भी डायरेक्ट सेलिंग के मेथड का ही इस्तेमाल करती है इस केस में भी यहां पर एक जेनुइन प्रोडक्ट या सर्विस है जिसकी अपने आप में वैल्यू है फिर आती है नेटवर्क मार्केटिंग डायरेक्ट सेलर से एक स्टेप और आगे चले जाओ अब डायरेक्ट सेलर बनके ना सिर्फ किसी दूसरे प्रोडक्ट या सर्विस को बेचने लग रहे हो बल्कि अपने नीचे और डायरेक्ट सेलर्स को भी रिक्रूट करने लग रहे हो एक नेटवर्क सा बना रहे हो आप अपना लेकिन इमेजिन करो अब कोई प्रोडक्ट या सर्विस ही ना हो बेचने के लिए प्रोडक्ट या सर्विस की जगह एक मेंबरशिप बेची जाए एक ऐसी मेंबरशिप जिसका हिस्सा बनने के लिए आपको पैसे देने पड़ते हैं और आपको कहा जाता है आप इस मेंबरशिप को जाकर और लोगों को बेचो उन्हें भी पैसे देने पड़ेंगे आपको उससे कुछ कमीशन मिल जाएगा यह चीज सही में एक स्कैम है और इल्लीगल भी है दिसंबर 1978 में इंडियन पार्लियामेंट ने एक एक्ट पास किया था द प्राइस चीट्स एंड द मनी सर्कुलेशन स्कीम्स बैनिंग एक्ट इस कानून ने इस मेंबरशिप वाले सिस्टम पर बैन लगाया कि आप नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए ऐसी में मेंबरशिप्स नहीं बेच सकते यहां पर कोई प्रोडक्ट या सर्विस होनी जरूरी है लेकिन फिर कुछ कंपनीज ने स्कैम करना शुरू कर दिया लोगों को बस नाम नाम का प्रोडक्ट या सर्विस बेचकर फॉर एग्जांपल कोई कंपनी है जो यहां एक किट बेचती है साबुन हेयर ऑयल और क्रीम की इस किट की वैल्यू अपने आप में ₹2000000

के दाम पर कोई इतने हाई दाम पर इन प्रोडक्ट्स को क्यों खरीदेगा क्योंकि वो प्रोडक्ट नहीं खरीद रहे वो एक्चुअली में मेंबरशिप खरीद रहे हैं इस पिरामिड स्कीम की यही चीज है मल्टीलेवल मार्केटिंग जिसका इस्तेमाल कई फ्रॉड कंपनीज करती हैं सबसे ज्यादा फायदा ऊपर बैठे हुए लोगों को होता है नीचे जो नेटवर्क में जुड़ते हुए लोग आते हैं उनका कमीशन कम कम कम कम होता रहता है और सबसे बॉटम वाले लोग सबसे ज्यादा पैसा लगा देते हैं इस इन फर्जी प्रोडक्ट्स को खरीदने में कमीशन से सबसे ज्यादा फायदा जिसे मिलता है वो टॉप पर बैठे हुए लोगों को मिलता है इन्हीं चीजों को अवॉइड करने के लिए सरकार 2013 में नए रूल्स लेकर आई थी और 2 2016 में भी मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने एक एडवाइजरी रिलीज करी थी डायरेक्ट सेलिंग पर आगे चलकर 2021 में सरकार और नए रूल्स लेकर आई कंज्यूमर प्रोटेक्शन डायरेक्ट सेलिंग रूल्स 2021 और सभी डायरेक्ट सेलिंग कंपनीज को कहा गया कि इन रूल्स को फॉलो करना जरूरी है इन रूल्स में एक मेजर पॉइंट यह था कि डायरेक्ट सेलिंग कंपनी या डायरेक्ट सेलर किसी भी कस्टमर को यह कहकर परचेस नहीं करवा सकता कि आप दूसरे कस्टमर्स को लेकर आओ उनको यह खरीद वाओ और आपका पैसा इस तरीके से वापस आ जाएगा आप अगर कुछ बेच रहे हो तो ऐसा होना चाहिए कि यह प्रोडक्ट है यह प्रोडक्ट अच्छा है इसे खरीदो आपके काम आएगा ऐसा नहीं कि यह प्रोडक्ट है आप इसे खरीदो और इसे औरों को बेचकर आप पैसे कमा सकते हो प्रोडक्ट को अपनी वैल्यू के बेसिस पर बेचा जाना चाहिए तो विवेक बिंद्र के बड़ा बिजनेस पर वापस आए दोस्तों तो वहां भी यही चीज एप्लीकेबल है जब विवेक बिंदरा ने अपने इस कोर्स को बेचा तो क्या कहकर बेचा क्या ये प्रोडक्ट को बेच रहे थे कि ये बिजनेस कोर्स है ये बिजनेस कोर्स बहुत अच्छा है इसमें आप बहुत सारी नई चीजें सीखो ग सेल्स करना सीखो ग आप अपना अपना नया बिजनेस सेटअप करना सीखो और फिर आप काफी सारे पैसे कमा सकते हो या फिर यह अपनी मेंबरशिप बेच रहे थे इस प्रोडक्ट के जरिए यह बिजनेस कोर्स है इसे खरीद के आप आईबीसी बन सकते हो हमारे इंडिपेंडेंट बिजनेस कंसल्टेंट और ऐसे आपको मौका मिलेगा लाखों रुपए कमाने का इस कोर्स को आगे लोगों को बेचकर हम आपको लीड्स और सेल सपोर्ट प्रोवाइड करेंगे और जब तक आप हमारे लिए नए मेंबर्स लाते रहोगे आप बहुत सारे पैसे कमाओगे फर्क देखा दोस्तों इन दोनों टाइप की सेल्स पिचस में एक बहुत बड़ा डिफरेंस है पहले पहले केस में सिर्फ कोर्स बेचा जा रहा है और दूसरे केस में यहां कोर्स को बेचने का ऑफर बेचा जा रहा है पहले केस में आप पैसे कमा सकते हो कोर्स से सीखी गई स्किल्स और नॉलेज सीखकर दूसरे केस में आप पैसे कमा सकते हो इस कोर्स को आगे बेचकर अगर दूसरा केस मेन सेलिंग पॉइंट है तो इसका मतलब ज्यादातर लोग जो इसे खरीदेंगे उन्हें फर्क ही नहीं पड़ेगा कि इसमें क्या कंटेंट है क्या नॉलेज मिल रही है वो बस इसे आगे बेचना चाहेंगे खुद पैसे कमाने के लिए अगर विवेक बिंद्रा ने पहली सेल्स पिच का इस्तेमाल किया तो उसमें कुछ भी गलत नहीं है वो एक बड़ी अच्छी चीज है लेकिन दूसरी सेल्स पिच का अगर इस्तेमाल किया गया है यहां पर तो वह एक बहुत ही इम्मोरल चीज है और कई माइनों में इल्लीगल भी है एक्चुअली में

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